:
Breaking News

Patna Court News: Court पहुंचे दो अधिवक्ताओं पर शराब के नशे का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar: पटना में छात्रों की जमानत के लिए कोर्ट पहुंचे दो युवा अधिवक्ताओं को कथित तौर पर शराब के नशे में पाए जाने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया। अल्कोहल जांच के बाद मद्य निषेध कानून के तहत केस दर्ज किया गया।

पटना, 27 जुलाई। आलम की खबर: राजधानी पटना के न्यायिक परिसर में उस समय हलचल मच गई जब छात्रों से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान दो युवा अधिवक्ताओं पर शराब के नशे में अदालत पहुंचने का आरोप लगा। न्यायालय के निर्देश पर कराई गई अल्कोहल जांच के बाद दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उनके खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

पुलिस के अनुसार, यह मामला उन छात्रों से जुड़ा है जिन्हें हाल के छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और हंगामे के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार छात्रों की ओर से जमानत की पैरवी करने के लिए दो अधिवक्ता मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) के समक्ष पहुंचे थे।

सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद लोगों को दोनों अधिवक्ताओं के व्यवहार और उनके मुंह से शराब की गंध महसूस होने का संदेह हुआ। इसके बाद मामले की जानकारी न्यायालय को दी गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के निर्देश पर तत्काल अल्कोहल जांच कराई गई।

पुलिस का दावा है कि जांच रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद दोनों अधिवक्ताओं को मौके से हिरासत में लेकर कोतवाली थाना लाया गया। उनकी पहचान आकाश केशव और वर्ती कुमार के रूप में की गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के अलावा सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

घटना के बाद न्यायिक परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के बीच इस मामले की चर्चा तेज हो गई। बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बीच अदालत परिसर में इस तरह का मामला सामने आने से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। वहीं, मामले में अदालत और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

यह भी पढ़ें

NEET-UG आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने का फैसला

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट

विशेष टिप्पणी

यह मामला केवल शराबबंदी कानून के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की गरिमा से भी जुड़ा है। यदि अदालत में पेश होने वाले किसी भी व्यक्ति पर ऐसे आरोप लगते हैं तो निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। साथ ही, अंतिम दोष या निर्दोष होने का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *